ककुभ ,कोह
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ककुभ या कोह के विषय में आयुर्वेद में शास्त्रोक्त रूप से लिखा गया हैं कि अगर इस को एक बर्ष तक इस्तेमाल किया जाय तो वात प्रकोपित ह्रदय रोग से मृत्यु नही होगी मतलब दिल में दर्द से जो मृत्यु जो होती हैं उस की संभावना न के बराबर हो जाती है मतलब ये ब्लॉकेज को हटाती हैं
मतलब रक्त को सामान्य स्थिति में लाती हैं जीवन को सामान्य करती हैं वातज ह्रदय रोग के मामले में इस को पाउडर रूप में लिया जा सकता हैं काढ़ा बना कर ले सके हैं या क्षीर पाक विधि से मतलब दूध में पकाकर ले सकते हैं।
मात्रा:- त्वक चूर्ण 1से 3ग्राम, काढ़ा:- 23 से 46 ग्राम
क्षीर पाक में:-6 से 12 ग्राम
यहाँ से मंगाये:-
relaxpharmaceuticalsagra@gmail.com
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ककुभ या कोह के विषय में आयुर्वेद में शास्त्रोक्त रूप से लिखा गया हैं कि अगर इस को एक बर्ष तक इस्तेमाल किया जाय तो वात प्रकोपित ह्रदय रोग से मृत्यु नही होगी मतलब दिल में दर्द से जो मृत्यु जो होती हैं उस की संभावना न के बराबर हो जाती है मतलब ये ब्लॉकेज को हटाती हैं
मतलब रक्त को सामान्य स्थिति में लाती हैं जीवन को सामान्य करती हैं वातज ह्रदय रोग के मामले में इस को पाउडर रूप में लिया जा सकता हैं काढ़ा बना कर ले सके हैं या क्षीर पाक विधि से मतलब दूध में पकाकर ले सकते हैं।
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